शुक्रवार, 2 जून 2017

दाता - बिटिया ही दीजो




अब के किये हो दाता  ऐसा ही कीजो
अगले जनम भी हमें बिटिया ही दीजो
खूब  खिलावें  उन्हें, उन्हें खूब पढ़ाये
बड़े बड़े सबके काम कराये
जग में भी वो नाम कमाए
अपना अपना घर वो बसाये
मैया औ  बाबुल का प्रेम बहु पाए
खुशियों पे उनकी सब वारी जाये
कोमल हो कमज़ोर न हो
ऐसी बिटिया ही दीजो
अब के किये हो दाता ऐसा ही कीजो
अगले जनम भी हमें बिटिया ही दीजो

शनिवार, 12 नवंबर 2016

सब सहना है



इस दुनिया में रहना है
तो
सब कुछ सहना  है
आप जो भी कहेंगे
आप जो भी करेंगे
लोगों को कुछ न कुछ कहना है
इस दिया में रहना है
तो
सब कुछ सहना है

रविवार, 18 सितंबर 2016

माँ


माँ जब होती है
तब
भगवान्  के बाद
माँ
होती  है

माँ
जब नहीं रहती है
तब
माँ
खुद
भगवान् हो जाती हैं 

सोमवार, 18 अप्रैल 2016

पैसा


ऐसे को वैसे को
कौन पूछता है
जो भी पूछता है
बस
पैसे को पूछता है


ऐसा या वैसा
पुण्य करे तो पाप है
हो
जिसके पास पैसा
वो
खून करे
तो भी माफ़ है

ऐसे को
वैसे को
कौन पूछता है
ऐसे में या वैसे  में किसकी रूचि है ?
पैसा है जिसके पास उसकी बड़ी गरिमा हैं
पैसा है जिसके पास उसकी चहुँ ओर महिमा है

ऐसे को
वैसे को
कौन पूछता है
हर कोई
बस
पैसे को पूछता है



शनिवार, 5 मार्च 2016

बोलने की आज़ादी



बोलने की आज़ादी 
है 
बोलिये 
लेकिन 
बड़बोला  मत  बोलिए 
बोलिए  वही 
जो इन्सान को  शोभा  देता  है 
बोलने की आज़ादी 
है
बोलिये  
लेकिन 
बोलने की  आज़ादी 
के नाम पर 
अपनी माँ  को 
अपनी जन्मभूमि 
को 
गाली तो मत दीजिये 

रविवार, 28 फ़रवरी 2016

सवेरे का सूरज



सवेरे का सूरज
रोज़
नया  सन्देश देता है

उठ
जाग
और
लग
अपने सपनो को सच कर

और
इन सपनो को सच करना है
तो
कर्म
करना ही  होगा
दिन को सपने  देखना छोड़
दिन रात एक करना होगा

फिर
सफलता तुम्हारी है
दुनिया के रंगमंच
पर
तुम महानायक
और
दुनिया की
सारी
तालियाँ  तुम्हारी हैं


मौत


मौत

खबर  मौत  की
कुछ  ऐसी  होती  है
कि
कहीं पत्थर दिल पसीज  जाते है

और
कभी तो
कोमल हृदय
भी
पत्थर हो जाते हैं 

आत्मविश्वास


आत्मविश्वास


अपने पे भरोसा रख मेरे भाई
समन्दर भी तर जाएगा
किसी और के भरोसे
तो
छोटी सी नदिया
में
डूब जाएगा

बुधवार, 16 सितंबर 2015

ख़ुशी

ख़ुशी 
जिसको 
जब भी 
जैसे भी मिली है 
बड़ी जल्दी में ही रहती है 
देख कर 
दो पल 
जी भर कर बात भी नहीं कर पाते है 
और 
आगे निकल जाती है
रह जाती है 
सिर्फ ख़ुशी की यादें 
और 
फिर अगली बार मिलने 
का 
इंतज़ार  

रविवार, 14 जून 2015

मौन

मौन
एक भाषा है
कभी बोलकर तो देखिये
दिल में जो बात आ रही है
कभी
दिल में ही तोलकर तो देखिये
कभी कहीं कड़वाहट लगे
उसमे
मिठास घोलकर तो देखिये
अपना तो अपना है
पराया भी अपना हो जायेगा

मंगलवार, 14 अप्रैल 2015

दो मीठे बोल

बेचारा दिल
क्या चाहे ,
बस सुनना  चाहे
दो मीठे बोल
तोल  तोल  कर  बोल
बस
दो मीठे बोल

बेचारा दिल
जब जब सुने
किसी के भी
दो मीठे बोल
खुश होकर
बस डोल  डोल

वाह रे वाह
दो मीठे बोल 

रविवार, 12 अप्रैल 2015

दर्द

दर्द जहाँ  होता है
वहीँ तो दिल होता है
वर्ना
जहाँ दिल ही नहीं हो
उन्हें
क्या पता
कि
दर्द  क्या होता है

कहा ज़रूर किसी ने
कि
मर्द को दर्द नहीं होता
लेकिन
किसी कर दर्द देख
जिसे दर्द होता है
वही तो
सच्चा  मर्द होता है
एक बार फिर कहूँ
दर्द जहाँ  होता है
वहीँ तो दिल होता है 

मंगलवार, 24 मार्च 2015

बेचारा दिल

बेचारा दिल 
किससे  शिकवा करे 
कब और कैसे शिकवा करे 

दिल का दिल जो चाहे 
वो हमेशा होता नहीं 
और 
जो हमेशा होता रहता है 
वो 
दिल का दिल चाहता नहीं 

गुरुवार, 15 जनवरी 2015

?




प्रश्न पूछिये
अपने  आप से
सिर्फ
एक बार
प्रश्न पूछिये
ज़िन्दगी
अब नहीं
तो

कब जीयेंगे 

रविवार, 21 दिसंबर 2014

दोस्त

आपने कभी  अपने आपको
आईने में  देखा  है
आपका दाहिना हाथ
आईने में
आप ही का  बायाँ  हाथ क्यों हो जाता है
आप ही का  बायाँ हाथ
आप ही का दाहिना हाथ क्यों हो जाता है

क्योंकि
वो बार बार आपसे कहता है
ऐ दोस्त
कहाँ सिर्फ बाहर ही बाहर
अपने दोस्त ढूंढ़ता है
एक बार अपने लिए
अपना हाथ बढ़ाकर तो देख
सिर्फ एक बार
अपने को
अपना ही
दोस्त बनाकर तो देख
 

लेकिन
हम हैं कि
रोज़
सबकी ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते चले जाते हैं
और
अपने आपको भुलाये चले जाते हैं
आज फिर एक मौका है
जब भी आइना देखे
आईने की बात मानकर देखे
एक बार सिर्फ एक बार
अपने आपको
अपना
दोस्त बनाकर तो देखिये
ज़िन्दगी जीने
का
अंदाज़ ही बदल जायेगा

शनिवार, 20 दिसंबर 2014

इन्सान



दुनिया बनाने वाले ने
जब भी दुनिया बनाई
बड़े
सोच समझकर
अच्छी भली दुनिया बनाई

सुन्दर सुन्दर पक्षी
अच्छे भले जानवर
और
सबसे समझदार
इन्सान

सारे पशु पक्षी
छोटे बड़े जानवर
यहां तक कि
खूंखार से खूंखार
जानवर भी
एक दूसरे के साथ
आराम से शान्ति से रह लेते हैं

लेकिन
इन्सान  ने तो अपनी मर्ज़ी से
अपनी एक नयी दुनिया ही बना डाली
इन्सान  ने अपनी दुनिया को ऐसा बांटा
कि
इन्सान  से इन्सान ही बँट गया
कहीं
मुल्कों की सरहदें हैं
तो कहीं
रियासतो  की सरहदें हैं
कहीं
मजहबों का
कहीं सम्प्रदायों का
बँटवारा है
तो
कहीं
इन्सान
भाषा से बंटा है

और
इस बँटवारे से
इन्सान
ऐसा हो गया
कि
अपनी पहचान
देश से
रियासत से
मज़हब से
सम्प्रदाय  से
भाषा  से
तो
करवाता है
पर
कहीं भी इन्सान
इन्सान  की तरह अपनी पहचान
नहीं करवा पाता है


काश
हम इतनी  बड़ी दुनिया में
सिर्फ इन्सानों  की
एक अच्छी
दुनिया बना पाते





बुधवार, 17 दिसंबर 2014

हैवान

कल कुछ बस्ते और टिफ़िन
स्कूल से लौटे हैं नहीं
क्योंकि
उन्हें ले जाने वाले
मासूम स्कूली बच्चों को
स्कूल में ही
बेरहम हत्यारों ने
बेरहमी  से मार डाला
ऐसे बेरहमों के लिए सिर्फ एक लब्ज़
हैवान

रविवार, 14 दिसंबर 2014

वो पेड़

कुछ समय पहले
सिगरेट के पैकेट पर
जो पौधे का फोटो बनाया गया था
उस पर फूल तो कभी का उग आया था
हाँ
उस पर अब
साल दर साल
फल भी हुआ करते हैं
 और
हर साल
पतझड में बाकायदा
पत्ते झड़ जाते हैं
और
वसंत में फिर से
फूलों से और फिर फलों से
लद्द जाता है 

  

जो जीता वही सिकन्दर


कल की ही बात है
एक दोस्त ने दूसरे से मेवाड़ी में कहा
"गेला कदी नी थाके "
दिल को छू गया
मतलब है
रास्ते जिन पर हम चलते हैं
कभी थकते नहीं है
हाँ
हम चलने वाले राहगीर
अक्सर थक जाया करते हैं
जो थक कर हार जाते हैं
वे पीछे छूट जाते हैं
जो थक कर
थोड़ा आराम कर
फिर आगे बढ़ जाते हैं
वे भी देर सवेर
मंज़िल पर पहुँच ही जाते हैं
और
जो कभी थकते ही नहीं
बस चलते चले जाते हैं
अपनी मंज़िल पर पहुंचकर
सबसे जीत जाते हैं
और
जो जीता वही सिकन्दर
कहलाते हैं

रविवार, 11 मई 2014

मदर्स डे

जिस माँ ने अपने बच्चों को
अपने खून से सींचा
जिस माँ  ने अपने बच्चों को
अपना पूरा जीवन दे दिया
जिस माँ ने अपने बच्चों को
दिन रात सब दे दिया
जिस माँ ने अपने बच्चों को
बच्चे से बड़ा किया
जिस माँ ने अपने बच्चों को
पढ़ाया ,सिखाया और लायक बनाया
उन बच्चों ने
अपनी उसी माँ के लिये
सारे साल मे सिर्फ़ एक ही दिन  बनाया
"हैप्पी मदर्स डे "