रविवार, 1 दिसंबर 2013

देव और दानव


अहल्या थी ऋषि गौतम की पत्नी
इंद्र ने की उनसे ज़बरदस्ती
फिर भी
 देवराज इंद्र कहलाते  हैं

जयंत थे इंद्र के पुत्र
करी उन्होंने भी
कोशिश
सीता के हरण की
फिर भी
देव पुत्र कहलाते हैं

ऐसे यदि देवता हैं
या
फिर देव पुत्र हैं
तो
दानव कैसे होते हैं  

शनिवार, 23 नवंबर 2013

पन्ने ज़िन्दगी के


कुछ पन्ने ज़िन्दगी के
इतने अच्छे हैं
कि
बार बार पढ़ने  का मन करता है

कुछ पन्ने  ज़िन्दगी के
इतने बुरे हैं
कि
पढ़ने  का मन तो करता ही नहीं
बल्कि
फाड़ देने को जी करता हैं

कुछ पन्ने  ज़िन्दगी के ऐसे
कि
लिखे ही न जा सके
जब भी नज़र पड़े
हमेशा कोरे ही दीखते हैं

कुछ पन्ने ज़िन्दगी के ऐसे
कि
कभी लगता है
कि क्या
वो हमारी ही ज़िन्दगी  के पन्ने हैं
जाने पहचाने होते हुए भी
हमेशा अनजाने से ही लगते हैं

कुछ अच्छे कुछ बुरे
कुछ भरे कुछ कोरे
कुछ जाने कुछ अनजाने
ऐसे ही पन्नों
से
ज़िन्दगी की किताब
पूरी हो जाती है
और
रह जाता है
बहुत कुछ
अनलिखा अनपढ़ा
अनसुना अनगढ़ा


मंगलवार, 20 अगस्त 2013

रूपया

अब तक सुनते थे 
आदमी गिर जाता है 
रुपये 
को पाने के लिए 
लेकिन 
अब तो 
रूपया 
भी गिरता जा रहा है 
बेचारा आदमी क्या करेगा 
करेगा क्या 
आदमी और गिर जायेगा 
और 
रूपया 
पाने के लिए 

रविवार, 21 जुलाई 2013

मिड डे मील

मिड डे मील 

अनेकता में एकता है हिन्द की विशेषता 
बरसों से चली आ रही है ये विशेषता 
इसीलिए 
आज भी कायम है 
अनेकता में एकता 
बिहार में बने या फिर राजस्थान में 
उत्तर प्रदेश या फिर आंध्र प्रदेश में 
गुजरात में या फिर गोवा में 
मिड डे मील एक जैसा ही बनेगा 
सभी जगह कीड़े मिलेंगे 
मिलावट मिलेगी 
बच्चे  बीमार होंगे ही 
और 
कभी कभी मर भी जायेंगे 
अनेकता में एकता है हिन्द की विशेषता 
धन्य है हमारा हिन्द 
और 
हिन्द की विशेषता 

शुक्रवार, 19 जुलाई 2013

जीवन मृत्यु

जीवन मृत्यु 


 जीवन 
 सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस 
 सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस
 सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस
 सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस 
 सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस सांस

 मृत्यु 

मंगलवार, 9 जुलाई 2013

प्यार

प्यार 
अगर दुकानों में बिकता 
प्यार 
का 
अगर मोल लगता 
तो 
प्यार प्यार 
न 
होता 
व्यापार  हो जाता
लेकिन 
प्यार तो प्यार है 
माता  पिता  का बच्चों  से
बच्चों का  माता पिता से 
बहन का भाई से 
पति का पत्नी से 
मित्र का मित्र से 
और 
हर एक रिश्ते का दुसरे से 
कितना अच्छा है 
कि 
प्यार का मोल नहीं लगता 
प्यार दुकान में नहीं बिकता है 
प्यार प्यार से मिलता है 
जितना देंगे 
उतना पाएंगे  
प्यार ही प्यार बेशुमार 

गुरुवार, 4 जुलाई 2013

आदमी समय

आदमी समय 

आदमी 
जब 
आदमी 
होता है 
तब उसके पास 
समय 
कहाँ हो पाता  है

आदमी 
के पास 
जब  
समय 
ही 
समय 
हो जाता है 
तब 
आदमी 
आदमी 
कहाँ रह पाता है