रविवार, 13 अप्रैल 2014

वोटर और जोकर

कोई दल  कहता है हम आपके साथ है
कोई कहता है अबकी बार हमारी सरकार
लेकिन
हम सब जानते हैं
सरकार बन जाने के बाद
नेताओं को
कहाँ रहती है वोटरों की दरकार

आज तो आपके पीछे घूम घूमकर वोट ले जाएंगे
और पांच साल के लिए चोट दे जायेंगे
आज जो
आपको माई बाप बताते हैं
कल खुद हुकम के बादशाह बन जायेंगे
और
आपको तिरपनवे पते
जोकर की तरह
भूल जायेंगे

सोमवार, 24 मार्च 2014

वक्त



एक दिन
मुझे क्यों कर सूझा
कि
वक़्त
जो भागा  जा रहा है
इसे
पकड़कर  रख लिया जाए

अब
प्रश्न आया कि
भागते वक्त को पकड़ा कैसे जाए
सोचा
दौड़कर पकड़ ही लूँगा
और
मैं
दौड़ पढ़ा
वक्त को पकड़ने को
मैं
दौड़ दौड़ कर
थक गया परेशान हो गया
पर वक्त को
पकड़ना तो दूर
छू  भी नहीं पाया

जाता हुआ
वक्त किसी का हुआ है
कभी कोई वक्त को पकड़ पाया है
वक्त तो वक्त है
जो इसकी क़द्र करता है
सब उसकी क़द्र करते हैं



शनिवार, 8 मार्च 2014

महिला दिवस





महिला
माँ
बहन
पत्नी
बेटी
मासी
चाची
भाभी
और न  जाने क्या क्या

महिला है तो सृष्टि है
महिला से ही जीवन की  दृष्टि है
फिर भी
सारे साल में
महिला के लिए
बस एक ही दिन
महिला दिवस
  

रविवार, 23 फ़रवरी 2014

मन



हम
रोज़ पूछते हैं
दिन रात पूछते हैं
मन - तू कब समझेगा ?
जबकि
मन सब समझता है
हम ही हैं
जो
समझ समझकर
भी
समझना नहीं चाहते हैं

मन से पूछते रहते हैं
ऐ मन - तू कब समझेगा

मन कहता है
ऐ मानव मैं तो सब समझ रहा हूँ
पर
एक तुम ही हो
जो
समझ समझकर भी
न समझने का नाटक
करते आ रहे हो

बेचारा दिल



बेचारा दिल
आप समझते हैं
बेचारा है
जबकि इस दिल ने
बेचारा तो
आपको कर रखा है
आप जो भी कहें जो भी चाहें
ये मानता नहीं है
दिल ने
जो कह दिया
जो  चाह लिया
वो मनवाके रहता है
फिर भी
हम सब बेचारे
कहते है
बेचारा दिल

शुक्रवार, 31 जनवरी 2014

दोस्त और दुश्मन



दोस्त  और दुश्मन
में फर्क
अगर नज़रों से कर सकते
तो
कितना अच्छा होता

नज़र अगर पहचान पाती
कि
कौन दोस्त है
और
कौन है दुश्मन
तो
ज़िन्दगी कितनी आसान हो जाती
दोस्त से अच्छी दोस्ती निभाते
और
दुश्मन से अच्छी दुश्मनी
दुश्मन को
ज़िन्दगी से ऐसे निकालते
जैसे हो
दूध में कोई मक्खी

नज़रों के इस डर से
दोस्त हमेशा दोस्त ही बने रहते
और
दुश्मन कभी सामने आ ही  नहीं पाते 
दिल की  चाहत


यदि आप चाहें दिल से
तो
कुछ भी पा सकते हैं

चाहें अगर
तो
चाँद तारे भी तोड़ के ला सकते हैं
चाँद तारे तो क्या हैं
आसमान भी
ज़मीन पे ला सकते हैं

चाहिए बस दिल की चाहत
न मिल पाने पर
दिल होता हो आहत

दिल की  मुराद पाने के लिए
हौसला तो करना ही होगा
ज़िन्दगी में जीतने के लिए
हारना तो छोड़ना ही होगा
कुछ बड़ा पाने के लिए
कुछ बड़ा खोना ही होगा