इस दुनिया में
हर शख्श
अपनी एक अलग दुनिया
बना लेता है
और
उस दुनिया की शतरंज में
कभी राजा ,
कभी वजीर
कभी हाथी ,घोडा, ऊंट
तो
कभी प्यादा
बन जाता है
इस तरह
हर शख्श
अपनी अपनी दुनिया
में
पूरा जीवन जी जाता है
अपने हिस्से की
ज़िन्दगी की
हाला पी जाता है